Hymns / Prayers
PLEDGE
India is my country. All Indians are my brothers and sisters.
I love my country and I am proud of its rich and varied heritage.
I shall always strive to be worthy of it.
I shall give my parents, teachers and all elders respect, and shall treat everyone with courtesy.
To my country and people, I pledge my devotion. In their wellbeing and prosperity alone, lies my happiness.
प्रार्थना
इतनी शक्ति हमें देना दाता,
मन का विश्वास कमजोर हो ना,
हम चले नेक रास्ते पे हरदम,
भूल कर भी कोर्इ भूल हो ना

1. दूर अज्ञान के हो अन्धेरे
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे।
हम बुरार्इ से बचते रहे हम,
जितनी भी दे भली जिन्दगी दे।
बैर हो ना किसी का किसी से,

2. हम न सोंचे हमें क्या मिला है।
हम ये सोचे किया क्या है अर्पण,
फूल खुशियों के बाटें सभी को,
सबका जीवन ही बन जाए मधुबन,
कर दे पावन हर एक मन का कोना।
हम को मन की शक्ति दे ना, मन विजय करे ...
हम को मन की शक्ति दे ना, मन विजय करे,
दूसरो की जय से पहले खुद को जय करे ।
1. भेदभाव अपने दिल से साफ कर सकें।
दोस्तों से भूल हो तो माफ कर सकें।
झूठ से बचे रहें सच का दम भरें।
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें।
हमको मन की ...........

2. मुशिकलें पड़े तो हम पे इतना कर्म कर,
साथ दें तो धर्म का चलें तो धर्म पर।
खुद पे हौसला रहे, बदी से न डरें,
दूसरों की जय से पहले खुद को जय करें।
हमको मन की ............
तेरी है जमीं तेरा आसमान ...
तेरी है जमीं तेरा आसमान, तू बड़ा मेहरबान
तू बख्शीश कर, सभी का तू, सभी तेरे।
खुदा मेरे तू बख्शीश कर।

1. तेरी मर्जी से ऐ मालिक, हम इस दुनिया में आये है।
तेरी रहमत से हम सबने, ये जिस्म और जान पाए हैं।
तू अपनी नज़र हम पर रखना, किस हाल में हैं ये खबर रखना।।

2. तू चाहे हमें रखें, तू चाहे तो हमें मारे।
तेरे आगे झुकाकर सिर, खड़े हैं आज हम सारे।
ओ! सबसे बड़ी ताकत वाले, तू चाहे तो हर आफत टाले।।
राष्ट्र गान

जन गण मन अधिनायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
पंजाब–सिंधु–गुजरात–मराठा,
द्राविड़–उत्कल–बंग।
विंध्य–हिमाचल–यमुना–गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे,
तव शुभ आशिष मांगे
गाहे तव जय गाथा।
जन गण मंगल दायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे, जय हे, जय हे
जय जय जय जय हे।
राष्ट्रीय गीत
वन्दे मातरम्
सुजलाम् सुफलाम् मलयज
शीतलाम् ।
शस्य श्यामलाम् मातरम् ।
वन्दे मातरम् ।।
शुभ्रज्योत्सनापुलकिंतयामिनीम् ।
फुल्लकुसुमित द्र्रमदल शोभिनीम् ।
सुहासीनीम् सुमधुर भाषिणीम् ।
सुखदाम् वरदाम मातरम् ।
वन्दे मातरम् ।।